होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ा तनाव, भारतीय जहाजों पर फायरिंग के बाद नौसेना के 7 युद्धपोत तैनात!

होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ा तनाव, भारतीय जहाजों पर फायरिंग के बाद नौसेना के 7 युद्धपोत तैनात!

फारस की खाड़ी के सामरिक मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) द्वारा भारतीय व्यापारिक जहाजों पर की गई फायरिंग के बाद समुद्री क्षेत्र में तनाव चरम पर है। 18 अप्रैल 2026 को ‘जग अर्णव’ और ‘सन्मार हेराल्ड’ नामक जहाजों पर गोलियां चलाई गईं, जिससे उन्हें वापस लौटने पर मजबूर होना पड़ा। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए भारतीय नौसेना ने एक कड़ी एडवाइजरी जारी की है और अपने बेड़े को अलर्ट मोड पर डाल दिया है।

नौसेना का सुरक्षा जाल और युद्धपोतों की तैनाती
भारतीय हितों की रक्षा के लिए नौसेना ने अरब सागर और फारस की खाड़ी के मुहाने पर आईएनएस विशाखापट्टनम सहित सात युद्धपोत तैनात कर दिए हैं। सभी जहाजों को लारक द्वीप के करीब न जाने और सुरक्षित स्थानों पर रुकने के निर्देश दिए गए हैं। वर्तमान में 14 जहाज खाड़ी में फंसे हुए हैं, जिन्हें नौसेना की हरी झंडी मिलने के बाद ही सुरक्षा घेरे में आगे बढ़ाया जाएगा।

राजनयिक विरोध और वर्तमान स्थिति
विदेश मंत्रालय द्वारा ईरानी राजदूत को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराए जाने के बाद स्थिति में कुछ सुधार देखा गया है। नौसेना की कड़ी निगरानी के बीच ‘देश गरिमा’ नामक जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज पार करने में सफल रहा है, जो 22 अप्रैल तक मुंबई पहुंचेगा। हालांकि नौसेना अभी भी ईरानी गतिविधियों पर पैनी नजर रखे हुए है ताकि भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके।

एक झलक में

ईरानी सेना की फायरिंग के बाद भारतीय नौसेना ने 7 युद्धपोत तैनात किए।

जहाजों को लारक द्वीप से दूर रहने और सुरक्षित स्थानों पर रुकने की सलाह।

14 जहाज अभी भी फंसे हुए हैं, जिन्हें नौसेना सुरक्षा घेरे में बाहर निकालेगी।

भारतीय विरोध के बाद फिलहाल ईरानी गतिविधियों में नरमी देखी गई है।