आधी रात को थाने के अंदर भड़की आग! मालखाना जलकर राख, पश्चिम बंगाल के मालदा में मची सनसनी!

आधी रात को थाने के अंदर भड़की आग! मालखाना जलकर राख, पश्चिम बंगाल के मालदा में मची सनसनी!

बीते कुछ दिनों से लगातार सामने आ रही वारदातों के बीच पश्चिम बंगाल के मालदा जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और सनसनीखेज खबर सामने आई है। आधी रात को अचानक थाने के भीतर भीषण आग भड़क उठी, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। यह खतरनाक घटना मालदा के चांचल थाने में घटी है, जहां आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और थाने का मालखाना कक्ष समेत कई अन्य कमरों को अपनी चपेट में ले लिया। रात के सन्नाटे में थाने के अंदर अचानक इस तरह से आग लगने की खबर फैलते ही स्थानीय लोगों और प्रशासनिक हलकों में भारी चिंता और खलबली मच गई। शुरुआती अनुमान जताया जा रहा है कि शॉर्ट सर्किट की वजह से यह आग लगी होगी, हालांकि अभी तक आग लगने के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।

घटना की शुरुआत आधी रात के वक्त हुई जब थाने के कमरों से अचानक लपटें उठने लगीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी गई। शुरुआत में दमकल की एक गाड़ी मौके पर पहुंची, लेकिन आग इतनी तेजी से फैल चुकी थी कि एक गाड़ी से स्थिति को नियंत्रित करना मुमकिन नहीं था। हालात की नजाकत को भांपते हुए तुरंत एक और दमकल गाड़ी को मौके पर बुलाया गया। इसके बाद दमकल कर्मियों, मुस्तैद पुलिस जवानों और स्थानीय नागरिकों के संयुक्त प्रयासों से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। इस अप्रत्याशित हादसे की खबर मिलते ही अनुमंडल पुलिस अधिकारी (SDPO) ने भी देर रात घटनास्थल का दौरा किया और हालात का जायजा लिया।

राहत की बात यह रही कि आग के विकराल रूप धारण करने से पहले ही पुलिसकर्मियों ने अपनी सूझबूझ और तत्परता का परिचय दिया। उन्होंने तुरंत कार्रवाई करते हुए थाने के महत्वपूर्ण दस्तावेज, मुकदमों की केस डायरियां, कंप्यूटर और अन्य जरूरी सरकारी सामान को किसी तरह सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इससे एक बड़ा प्रशासनिक नुकसान टल गया। हालांकि, इस अग्निकांड से थाने की इमारत को कितना नुकसान पहुंचा है और मालखाने में रखे सामान की कुल वित्तीय क्षति कितनी है, इसका सटीक आकलन अभी तक सामने नहीं आया है। थाने जैसी अत्यंत संवेदनशील और सुरक्षा से जुड़ी जगह पर आधी रात को इस तरह आग लगना गंभीर सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करता है।

गौरतलब है कि हाल के दिनों में पूरे राज्य में आग लगने की कई बड़ी और डरावनी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। कुछ समय पहले कोलकाता के मिर्जा गालिब स्ट्रीट पर एक होटल में भीषण आग लग गई थी, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया था। इसके अलावा, इस बार की दुर्गा पूजा के दौरान भी राज्य के विभिन्न हिस्सों से आग लगने की कई घटनाएं रिपोर्ट की गईं। विशेष रूप से गत 20 अक्टूबर को कोलकाता के व्यस्त बाघतथीन मार्केट में एक भयंकर आग लग गई थी। देखते ही देखते वह आग आसपास की तमाम दुकानों में फैल गई और कई दुकानें पलभर में जलकर खाक हो गईं। त्योहारी सीजन के बीच रातों-रात कई व्यापारियों की जिंदगी भर की कमाई राख हो गई। आखिरी रिपोर्ट मिलने तक दमकल की 15 गाड़ियों को करीब 3 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद उस आग पर काबू पाने में सफलता मिली थी।

बाघतथीन और चोरबगान की इन दर्दनाक घटनाओं के बाद राज्य प्रशासन और दमकल विभाग पूरी तरह से हरकत में आ गया था। अग्निशमन सुरक्षा नियमों की अनदेखी और गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप में दमकल विभाग ने कोलकाता की तीन सबसे बड़ी और प्रतिष्ठित पूजा कमेटियों को आधिकारिक तौर पर नोटिस जारी किया था। इन तीनों में चेतला अग्रनी, बालीगंज कल्चरल और त्रिजारा सम्मिलनी जैसी दिग्गज पूजा कमेटियां शामिल थीं, जिनके भव्य आयोजनों में लाखों की भीड़ जुटती है।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इन प्रतिष्ठित पूजा कमेटियों को नोटिस दिए जाने के पीछे कई ठोस और गंभीर कारण थे। चेतला अग्रनी पूजा कमेटी के मामले में दमकल विभाग की हाई-पावर इंस्पेक्शन टीम ने पाया था कि पूजा पंडाल के भीतर पर्याप्त रोशनी, पंखों और एसी (AC) का भारी अभाव था। इसके अलावा, चेतला अग्रनी के पंडाल से सटी हुई जगहों पर कई अवैध और अस्थायी ढांचे खड़े किए गए थे, जहां नियमों को ताक पर रखकर रसोई गैस (LPG) के सिलेंडर रखे गए थे, जो किसी भी वक्त बड़े हादसे को न्योता दे सकते थे। इस गंभीर सुरक्षा चूक को देखते हुए दमकल ने तुरंत चेतला अग्रनी को उन अवैध अस्थायी ढांचों को फौरन हटाने का सख्त निर्देश दिया था।

दूसरी ओर, बालीगंज कल्चरल पूजा पंडाल को लेकर यह शिकायत सामने आई थी कि पंडाल के अंदर रोशनी बहुत कम थी, जिससे विजिबिलिटी बेहद खराब हो गई थी। जांच दल की रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि यदि किसी आपातकालीन या भगदड़ जैसी स्थिति (Emergency Situation) में लोग बाहर निकलना चाहें, तो उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता था। इसी को ध्यान में रखते हुए दमकल विभाग ने बालीगंज कल्चरल के एंट्री गेट, एग्जिट गेट और उसके आसपास हो रही तमाम तरह की कमर्शियल गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश दिया था। त्योहारी सीजन के मुहाने पर इस तरह की लापरवाही और अब थानों व बाजारों में लगातार हो रहे अग्निकांडों ने राज्य के सुरक्षा तंत्र को नए सिरे से सोचने पर मजबूर कर दिया है।

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