होरमुज जलसंधि में बढ़ा तनाव और चीन की भूमिका ने बढ़ाई अमेरिका की बेचैनी!

होरमुज जलसंधि में बढ़ा तनाव और चीन की भूमिका ने बढ़ाई अमेरिका की बेचैनी!

ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव के बीच होरमुज जलसंधि में एक ईरानी जहाज की जब्ती ने वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है। संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की पूर्व राजदूत निक्की हेली का दावा है कि ‘टूस्का’ नामक यह जहाज चीन से ईरान जा रहा था। इस घटना ने इन आशंकाओं को बल दिया है कि चीन परोक्ष रूप से ईरान की सैन्य शक्ति को मजबूत कर रहा है, जिससे मध्य पूर्व का संकट गहरा गया है।

मिसाइल रसायन और सैन्य सहायता का आरोप अमेरिकी नौसेना द्वारा पकड़े गए इस कंटेनर जहाज में मिसाइल बनाने में इस्तेमाल होने वाले खतरनाक रसायनों के होने का संदेह है। निक्की हेली ने चेतावनी दी है कि चीन ईरान के शासन को समर्थन दे रहा है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अमेरिका अपने ‘स्पेशल फोर्स’ को मैदान में उतारने पर विचार कर रहा है ताकि ईरान के परमाणु कार्यक्रम और सैन्य बढ़त को रोका जा सके।

राजनयिक गतिरोध और वैश्विक प्रभाव हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि चीन ईरान को हथियारों की आपूर्ति न करने पर सहमत हो गया है, लेकिन जमीनी हालात इसके विपरीत हैं। शांति वार्ता के विफल होने के बाद अमेरिका ने होरमुज जलसंधि में अपनी घेराबंदी सख्त कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि चीन इस संघर्ष में सक्रिय होता है, तो इसका सीधा असर वैश्विक तेल आपूर्ति और विश्व अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।

एक झलक में

  • होरमुज जलसंधि में चीन से आ रहे ईरानी जहाज ‘टूस्का’ को अमेरिकी सेना ने कब्जे में लिया।
  • जहाज में मिसाइल निर्माण के लिए उपयोग किए जाने वाले ‘दोहरे उपयोग’ वाले रसायनों का संदेह।
  • निक्की हेली ने ईरान की सैन्य शक्ति को कमजोर करने के लिए विशेष अभियान की चेतावनी दी।
  • चीन ने जहाज रोके जाने पर आपत्ति जताई और तनाव कम करने की अपील की।