क्या इस्लामाबाद शांति वार्ता में शामिल होगा ईरान? जेडी वेंस के दौरे से पहले बढ़ी हलचल

क्या इस्लामाबाद शांति वार्ता में शामिल होगा ईरान? जेडी वेंस के दौरे से पहले बढ़ी हलचल

पश्चिम एशिया में जारी तनाव को कम करने के लिए पाकिस्तान की मध्यस्थता में होने वाली शांति बैठक को लेकर नई उम्मीदें जगी हैं। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस्लामाबाद को तेहरान से सकारात्मक संकेत मिले हैं। पाकिस्तानी प्रशासन को उम्मीद है कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के मंगलवार को पहुंचने के बाद होने वाली इस महत्वपूर्ण चर्चा में ईरान का प्रतिनिधिमंडल भी शामिल होगा।

राजनयिक चुनौतियां और युद्धविराम
अमेरिका और ईरान के बीच प्रारंभिक युद्धविराम की अवधि आगामी बुधवार को समाप्त हो रही है। इस नाजुक मोड़ पर यदि ईरान बैठक में शामिल नहीं होता है, तो क्षेत्र में फिर से बड़े पैमाने पर संघर्ष शुरू होने की आशंका है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन युद्धविराम की अवधि बढ़ाने के पक्ष में नहीं है, जिससे इस्लामाबाद पर दोनों पक्षों को एक साथ लाने का दबाव बढ़ गया है।

तेहरान का कड़ा रुख
दूसरी ओर, ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर कलिबाफ ने स्पष्ट किया है कि वे किसी भी धमकी के दबाव में बातचीत की मेज पर नहीं आएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रंप शांति वार्ता को ‘आत्मसमर्पण की मेज’ बनाना चाहते हैं। ईरान की इस चेतावनी ने शांति प्रक्रिया के सामने एक बड़ी चुनौती पेश कर दी है, जिससे आने वाले कुछ दिन वैश्विक राजनीति के लिए बेहद अहम हो गए हैं।

एक झलक में

पाकिस्तान का दावा है कि इस्लामाबाद शांति बैठक में शामिल होने के लिए ईरान से सकारात्मक संदेश मिला है।

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस मंगलवार को बैठक में भाग लेने के लिए पाकिस्तान पहुंच रहे हैं।

बुधवार को युद्धविराम की समय सीमा समाप्त हो रही है और ट्रंप इसे बढ़ाने के इच्छुक नहीं हैं।

ईरान ने धमकियों के आगे न झुकने की बात कहते हुए युद्ध की नई तैयारी का संकेत दिया है।