हिजाब को मंजूरी पर सिंदूर-तिलक से परहेज क्यों, लेंसकार्ट के स्टोर में मुस्लिम नेत्री का हंगामा

चश्मा रिटेल चेन ‘लेंसकार्ट’ द्वारा जारी एक नई गाइडलाइन ने विवाद खड़ा कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने अपने कर्मचारियों के लिए ड्रेस कोड से जुड़े निर्देश जारी किए हैं, जिसमें तिलक लगाने, पगड़ी पहनने या हिंदू महिलाओं के लिए शाखा, सिंदूर और बिंदी लगाने पर रोक की बात कही गई है। हालांकि, इसी निर्देशिका में मुस्लिम महिला कर्मचारियों को हिजाब पहनने की अनुमति दी गई है। नियमों में इस भेदभाव को लेकर अब सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक विरोध शुरू हो गया है।
बीजेपी नेत्री का स्टोर में विरोध
इस मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा की नेता नाजिया इलाही खान खुद लेंसकार्ट के एक स्टोर पर पहुंच गईं। उन्होंने वहां मौजूद स्टाफ से कंपनी की इस दोहरी नीति पर तीखे सवाल किए और प्रबंधन के साथ उनकी तीखी नोकझोंक हुई। नाजिया ने स्टोर के भीतर ही हिंदू प्रतीकों के प्रति कंपनी के नजरिए पर आपत्ति जताते हुए कर्मचारियों को तिलक भी लगाया। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद कंपनी की वर्कप्लेस नीतियों पर बहस छिड़ गई है।
नीति का प्रभाव और संभावित कारण
विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनियां अक्सर ‘यूनिफॉर्मिटी’ यानी एकरूपता लाने के लिए ऐसे कड़े ड्रेस कोड लागू करती हैं, लेकिन धार्मिक आधार पर चयनात्मक छूट देना विवाद का मुख्य कारण बनता है। लेंसकार्ट के इस फैसले से ग्राहकों के एक बड़े वर्ग में नाराजगी देखी जा रही है, जिससे ब्रांड की साख और व्यापार पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। फिलहाल इस विवाद के बढ़ने से कंपनी पर अपनी नीतियों को संशोधित करने या स्पष्टीकरण देने का भारी दबाव है।
एक झलक में
- लेंसकार्ट ने कर्मचारियों के तिलक, सिंदूर और बिंदी लगाने पर रोक लगाई।
- कंपनी ने अपने ड्रेस कोड में मुस्लिम महिलाओं को हिजाब पहनने की छूट दी है।
- भाजपा नेता नाजिया इलाही खान ने स्टोर पहुंचकर इस भेदभाव का कड़ा विरोध किया।
- इस दोहरी नीति के कारण सोशल मीडिया पर कंपनी की जमकर आलोचना हो रही है।
