जीवित बेटी का श्राद्ध कर माता-पिता ने तोड़े सारे सामाजिक रिश्ते!

उत्तर दिनाजपुर के चोपड़ा ब्लॉक में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक युवती द्वारा अपनी पसंद के युवक से भागकर शादी करने पर उसके माता-पिता ने जीवित बेटी का ही श्राद्ध कर दिया। हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार पंडित बुलाकर बाकायदा श्राद्ध कर्म संपन्न किया गया, ताकि बेटी से हमेशा के लिए पारिवारिक और सामाजिक संबंध खत्म किए जा सकें।
लोक-लाज और कड़ा फैसला परिजनों का तर्क है कि बेटी की इस ‘अवज्ञा’ ने समाज में उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाई है। रूढ़िवादी सोच के चलते वे इस प्रेम विवाह को स्वीकार नहीं कर पाए। परिवार का कहना है कि उन्होंने समाज को एक कड़ा संदेश देने और अपनी मर्यादा बचाने के लिए अपनी ही संतान को त्यागने का यह चरम रास्ता चुना है।
सामाजिक प्रभाव आधुनिक दौर में इस तरह की घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस इलाके में पहले कभी ऐसा वाक्या नहीं हुआ। यह घटना व्यक्तिगत स्वतंत्रता और पारिवारिक रूढ़िवादिता के बीच के गहरे टकराव को उजागर करती है।
एक झलक में
- उत्तर दिनाजपुर के चोपड़ा में प्रेम विवाह से नाराज माता-पिता ने जीवित बेटी का श्राद्ध किया।
- पुरोहित के जरिए धार्मिक अनुष्ठान कर बेटी को पूरी तरह बेदखल कर दिया गया।
- परिवार ने सामाजिक सम्मान की रक्षा को इस कठोर कदम का मुख्य कारण बताया।
- इस अभूतपूर्व घटना से इलाके में गहरी चर्चा और तनाव का माहौल है।
