होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी कार्रवाई से बढ़ा तनाव, 6 घंटे की चेतावनी के बाद ईरानी जहाज ‘टुस्का’ पर कब्जा

होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी नौसेना और ईरान के बीच सैन्य तनाव चरम पर पहुंच गया है। रविवार को अमेरिकी युद्धपोत USS स्प्रुअंस ने ईरान के 965 फीट लंबे विशालकाय कंटेनर जहाज ‘टुस्का’ को एक आक्रामक सैन्य ऑपरेशन के बाद अपने नियंत्रण में ले लिया। यह जहाज मलेशिया के पोर्ट क्लांग से ईरान के बंदर अब्बास बंदरगाह की ओर जा रहा था। अमेरिका ने इस कार्रवाई का आधार अपनी समुद्री नाकेबंदी का उल्लंघन बताया है, जबकि ईरान ने इसे सीधे तौर पर समुद्री डकैती और युद्धविराम का उल्लंघन करार दिया है।
ऑपरेशन की पूरी कहानी और फायरिंग
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, टुस्का को रोकने के लिए करीब 6 घंटे तक लगातार चेतावनी दी गई थी। जब जहाज के क्रू ने आदेशों को अनसुना कर अपना रास्ता जारी रखा, तब USS स्प्रुअंस ने अपनी 5-इंच MK 45 गन से टुस्का के इंजन रूम को निशाना बनाकर फायरिंग की। इंजन ठप होने के बाद अमेरिकी मरीन कमांडो ने जहाज पर उतरकर उसे पूरी तरह अपने कब्जे में ले लिया। इस कार्रवाई में फिलहाल किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जहाज अब भी अमेरिकी नियंत्रण में है।
शांति वार्ता और क्षेत्रीय स्थिरता पर प्रभाव
इस घटना ने 8 अप्रैल को हुए द्विपक्षीय युद्धविराम को गंभीर खतरे में डाल दिया है, जो 22 अप्रैल को समाप्त होने वाला था। ईरान ने दोटूक कहा है कि जब तक अमेरिका अपनी समुद्री नाकेबंदी नहीं हटाता, वह इस्लामाबाद में होने वाले दूसरे दौर की शांति वार्ता में शामिल नहीं होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस सैन्य हस्तक्षेप से मध्य पूर्व के जलमार्गों में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा और वैश्विक तेल आपूर्ति पर गहरा असर पड़ सकता है, जिससे दोनों देशों के बीच पूर्ण सैन्य संघर्ष की स्थिति दोबारा बन सकती है।
एक झलक में
- अमेरिकी नेवी ने 6 घंटे की चेतावनी के बाद 965 फीट लंबे ईरानी जहाज ‘टुस्का’ पर फायरिंग कर कब्जा किया।
- यह घटना होर्मुज स्ट्रेट में हुई जब जहाज मलेशिया से ईरान के बंदर अब्बास बंदरगाह की ओर जा रहा था।
- अमेरिका ने इसे नाकेबंदी का उल्लंघन बताया, वहीं ईरान ने इसे समुद्री डकैती और युद्धविराम का उल्लंघन कहा है।
- इस सैन्य कार्रवाई के कारण आगामी शांति वार्ता और क्षेत्रीय स्थिरता पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
