भारत अफगानिस्तान निवेश पर नई पहल

अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने भारतीय कंपनियों को आकर्षित करने के लिए बड़े आर्थिक प्रोत्साहनों की घोषणा की है। छह दिवसीय दौरे पर दिल्ली पहुंचे अफगान उद्योग और वाणिज्य मंत्री नूरुद्दीन अज़ीज़ी ने भारतीय व्यापार संगठनों के साथ बैठक में बताया कि नए क्षेत्रों में निवेश करने वाली कंपनियों को पांच साल तक कर में छूट और उपकरण आयात पर केवल एक प्रतिशत शुल्क दिया जाएगा। यह कदम भारत अफगानिस्तान आर्थिक सहयोग को लेकर नई संभावनाओं का संकेत देता है।

बैठक के दौरान अज़ीज़ी ने कहा कि अफगानिस्तान में निवेशकों को “कम प्रतिस्पर्धा और आसान शुल्क व्यवस्था” का लाभ मिलेगा। इसी के साथ दोनों देशों के बीच व्यापारिक संपर्क बढ़ाने की दिशा में भी प्रगति हुई है। भारत के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि काबुल–दिल्ली और काबुल–अमृतसर एयर कार्गो रूट फिर से सक्रिय किए जा रहे हैं, जिससे द्विपक्षीय व्यापार को नई गति मिलने की उम्मीद है। इन प्रयासों से भारत अफगानिस्तान संबंधों में ठोस सुधार के संकेत मिल रहे हैं।

दिल्ली में अफगान दूतावास के पुन: संचालन और हालिया उच्च-स्तरीय बैठकों ने भी संवाद बढ़ाया है। अफगानिस्तान से विस्थापित हिंदू और सिख समुदाय के पुनर्वास को लेकर तालिबान ने आश्वासन दिया है कि लौटने वालों को संपत्ति और व्यवसाय पुनर्स्थापना में सरकारी सहायता दी जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते माहौल में यह सहयोग भारत अफगानिस्तान साझेदारी को एक नए दौर में ले जा सकता है, भले ही औपचारिक मान्यता का सवाल अभी लंबित हो।