लालमनिरहाट एयरबेस पर तेजी से बढ़ी सैन्य हलचल

बांग्लादेश ने लालमनिरहाट एयरबेस में सैन्य ढांचा तेज़ी से मज़बूत करना शुरू कर दिया है, जो भारत के अत्यंत संवेदनशील सिलीगुड़ी कॉरिडोर से महज़ 20 किलोमीटर दूर है। संवेदनशील इलाके के निकट इस गतिविधि ने भारतीय सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। अधिकारियों के अनुसार, एयरबेस के चारों ओर शक्तिशाली फ़्लडलाइट, उन्नत निगरानी प्रणाली और चौबीसों घंटे पेट्रोलिंग की व्यवस्था हाल में ही बढ़ाई गई है।
एयरबेस के भीतर एक बड़े हैंगर का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है, जिसे भविष्य में युद्धक विमानों और ड्रोन संचालन के केंद्र के रूप में देखा जा रहा है। रनवे के विस्तार पर भी काम तेज़ बताया जा रहा है। “इस क्षेत्र की गतिविधि पहले इतनी तीव्र नहीं थी; अब बदलाव साफ़ दिखता है,” सीमा क्षेत्र में तैनात एक अधिकारी ने ग़ैर-औपचारिक बातचीत में कहा। लालमनिरहाट एयरबेस की बढ़ती तैयारी भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर रही है, विशेषकर इसलिए क्योंकि यह इलाका उत्तर-पूर्व को मुख्यभूमि से जोड़ने वाली संकरी भौगोलिक कड़ी पर असर डाल सकता है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारतीय सुरक्षा तंत्र सक्रिय हो गया है। हाल ही में शिलिगुड़ी में शीर्ष अधिकारियों की एक आपात बैठक हुई, जिसके बाद बिहार, पश्चिम बंगाल और असम में तीन नए सैन्य ठिकाने स्थापित करने की योजना को गति दी गई। क्षेत्रीय रणनीति पर काम कर रहे एक वरिष्ठ विश्लेषक के शब्दों में, “लालमनिरहाट एयरबेस की गतिविधियाँ तत्काल खतरे का संकेत नहीं देतीं, लेकिन इसके निहितार्थ को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।”
