डायबिटीज और बीपी मरीज करवा चौथ पर व्रत रखें या नहीं? जानें एक्सपर्ट की राय
इस साल करवा चौथ 10 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इस दिन सुहागन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखती हैं और रात में चांद देखने के बाद ही कुछ खाती हैं। हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि डायबिटीज और ब्लड प्रेशर के मरीजों को ऐसे व्रत से पहले विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। लंबे समय तक भूखे या प्यासे रहने से ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर का स्तर असंतुलित हो सकता है, जिससे चक्कर, कमजोरी या बेहोशी की स्थिति बन सकती है।
दिल्ली के श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट के एंडॉक्रिनोलॉजिस्ट डॉ. साकेत कांत बताते हैं कि “अगर डायबिटीज या हाई बीपी के मरीज व्रत रखना चाहते हैं, तो पहले अपनी स्थिति डॉक्टर से जरूर जांच लें।” उन्होंने कहा कि इंसुलिन या शुगर की दवाएं लेने वाले मरीजों में हाइपोग्लाइसीमिया का खतरा बढ़ जाता है। वहीं, हाई बीपी वाले मरीजों को डिहाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन से सिरदर्द या थकान हो सकती है।
एक्सपर्ट की सलाह है कि अगर शुगर और बीपी कंट्रोल में हैं तो सीमित समय के लिए व्रत रखा जा सकता है। सरगी में प्रोटीन, फल और पर्याप्त तरल पदार्थ जरूर शामिल करें। दिन में कमजोरी या चक्कर आने पर तुरंत व्रत तोड़ दें। व्रत खोलते समय हल्का और पौष्टिक आहार लें, ताकि शरीर पर अतिरिक्त दबाव न पड़े। करवा चौथ पर व्रत रखना आस्था का विषय है, लेकिन स्वास्थ्य हमेशा प्राथमिकता होनी चाहिए।
