भारत-पाकिस्तान हवाई प्रतिबंध बढ़ा, भारतीय एयरलाइंस पर बोझ
नई दिल्ली: भारत ने पाकिस्तानी विमानों और एयरलाइंस पर लगाया गया हवाई प्रतिबंध 24 अक्टूबर तक बढ़ा दिया है। यह कदम पाकिस्तान द्वारा भारतीय विमानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र को बंद करने के बाद उठाया गया था। अब यह पारस्परिक प्रतिबंध लगातार छठे महीने में प्रवेश कर चुका है। पाकिस्तान ने 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले की जिम्मेदारी भारत पर ठहराने के बाद यह निर्णय लिया था।
इस प्रतिबंध का सबसे बड़ा असर भारतीय एयरलाइंस पर पड़ रहा है। दिल्ली, अमृतसर और जयपुर जैसे उत्तरी शहरों से यूरोप, उत्तर अमेरिका और पश्चिम एशिया जाने वाली उड़ानों का समय 30 मिनट से लेकर ढाई घंटे तक बढ़ गया है। लंबे मार्गों के कारण ईंधन की खपत बढ़ रही है और एयरलाइंस को परिचालन लागत में भारी इजाफा झेलना पड़ रहा है। विमानन विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि यह स्थिति जारी रही तो 2019 में हुए 700 करोड़ रुपये के नुकसान को यह आंकड़ा पार कर जाएगा।
दूसरी ओर, पाकिस्तान की एयरलाइंस पर इसका प्रभाव सीमित है। पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस और अन्य घरेलू कंपनियों की अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति बहुत कम है। हालांकि, भारत के विमानों के लिए हवाई क्षेत्र बंद रहने से पाकिस्तान को ओवरफ्लाइट शुल्क से होने वाली आमदनी का नुकसान अवश्य उठाना पड़ रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव का सबसे बड़ा भार भारतीय विमानन क्षेत्र को सहना पड़ रहा है।
