जीएसटी बचत उत्सव से बढ़ेगा खपत और विकास
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को ‘जीएसटी बचत उत्सव’ की घोषणा की, जिसके तहत कर ढांचे को सरल बनाने और खपत को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। सरकार का दावा है कि आयकर छूट और जीएसटी दरों में कटौती से उपभोक्ताओं को हर साल करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये की बचत होगी। यह अतिरिक्त आय अर्थव्यवस्था में खपत को तेज करेगी और विकास को गति देगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि ये बदलाव केवल कर सुधार नहीं बल्कि उपभोक्ताओं को सही दिशा में खर्च करने के लिए एक व्यवहारिक प्रोत्साहन हैं। दूध और पनीर जैसे आवश्यक दुग्ध उत्पादों पर जीएसटी छूट दी गई है, वहीं तंबाकू और शक्करयुक्त पेयों पर 40 प्रतिशत तक कर बढ़ा दिया गया है। भारतीय सांख्यिकी संस्थान के आंकड़ों के मुताबिक, कीमतों में 10 प्रतिशत वृद्धि से सिगरेट की खपत लगभग 6 प्रतिशत घट जाती है।
इसके अलावा स्वास्थ्य और जीवन बीमा प्रीमियम को जीएसटी से मुक्त किया गया है, जिससे बीमा कवरेज में बढ़ोतरी की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि इन सुधारों का उद्देश्य न केवल जनता की बचत बढ़ाना है बल्कि स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य की ओर कदम बढ़ाना भी है। प्रधानमंत्री ने इसे 2047 तक विकसित भारत की दिशा में एक मजबूत कदम बताया।
