नमाज़ अदा कर रहे मुसलमानों पर फूल बरसा रहे हैं गेरुआधारी, देखें सौहार्द्र का नज़ारा
देशभर में आज पवित्र ईद-उल-फितर मनाई जा रही है। देश के अन्य हिस्सों की तरह राजस्थान में भी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच ईदगाह में सुबह से ही नमाज़ अदा की गई। लेकिन वहीं एक अनोखा सौहार्द्र का दृश्य देखने को मिला। समाचार एजेंसी एएनआई द्वारा प्रकाशित एक वीडियो में देखा जा सकता है कि गेरुआ वस्त्र पहने हिंदू लोग नमाज़ अदा कर रहे मुसलमानों पर फूल बरसा रहे हैं।
हाल ही में ‘सड़क पर नमाज़’ के मुद्दे को लेकर देशभर में विवाद छिड़ा था, और कुछ इलाकों में तनाव की स्थिति भी बनी थी। इस पृष्ठभूमि में जयपुर की यह सौहार्द्रपूर्ण तस्वीर पूरे देश के लिए एक नई मिसाल पेश कर रही है।
सोमवार सुबह जयपुर के दिल्ली रोड स्थित ईदगाह में हजारों मुसलमान एकत्रित होकर नमाज़ अदा कर रहे थे। इस दौरान हिंदू-मुस्लिम एकता समिति के पहल पर कुछ गेरुआ कुर्ता पहने लोगों ने गुलाब की पंखुड़ियां बरसाकर नमाज़ियों का अभिनंदन किया।
दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश में ‘सड़क पर नमाज़’ को लेकर प्रशासन की सख्त नीति जारी है। मेरठ के पुलिस अधीक्षक आयुष विक्रम सिंह ने स्पष्ट रूप से कहा कि त्योहार के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़ी निगरानी रखी जा रही है। यदि सड़क पर नमाज़ अदा की जाती है, तो एफआईआर दर्ज की जा सकती है, यहां तक कि आरोपियों के पासपोर्ट और लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी भी दी गई है।
#WATCH | Jaipur, Rajasthan | Under the banner of Hindu Muslim Unity Committee, Hindus showered flowers on the Muslims who came to Eidgah, located at Delhi Road, to celebrate Eid al-Fitr. pic.twitter.com/JsIigQ5yrK
— ANI (@ANI) March 31, 2025
साल 2024 में उत्तर प्रदेश में सड़क पर नमाज़ पढ़ने के आरोप में 200 लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए थे। इस वर्ष भी अलीगढ़ में प्रशासन ने दो विशेष स्थानों पर ईद की नमाज़ के लिए विशाल आयोजन किया— एक सुबह 7:00 बजे और दूसरा 7:45 बजे ईदगाह मैदान में।
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी गई। साथ ही, बड़ी संख्या में पुलिस बल, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF), और सशस्त्र बलों को तैनात किया गया। कोतवाली थाने में आयोजित शांति समिति की बैठक में एएसपी श्रीश चंद्र ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि ईद की नमाज़ सिर्फ मस्जिदों और ईदगाह में ही पढ़ी जानी चाहिए। यदि मस्जिद से सटे घरों की छतों पर भी नमाज़ अदा की जाती है, तो प्रशासन कार्रवाई करेगा।
ऐसे में, जहां एक ओर ‘सड़क पर नमाज़’ विवाद को लेकर तनाव बना हुआ है, वहीं जयपुर की यह सौहार्द्रपूर्ण तस्वीर देशभर में सराही जा रही है।
