GST 2.0 से महंगाई घटेगी, खपत बढ़ेगी: SBI रिपोर्ट
केंद्र सरकार जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) ढांचे में बड़े सुधार की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित GST 2.0 योजना के तहत मौजूदा चार टैक्स स्लैब को घटाकर केवल दो दरें—5% और 18%—रखी जाएंगी। इस बदलाव से जहां रोजमर्रा के सामान सस्ते होंगे, वहीं जनता की जेब पर बोझ कम होगा। सरकारी बैंक एसबीआई ने अपनी ताज़ा रिसर्च रिपोर्ट में बताया है कि इस कदम से देश में खपत लगभग 1.98 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ सकती है।
रिपोर्ट के अनुसार 12% टैक्स स्लैब को हटाकर ज़रूरी वस्तुएं 5% श्रेणी में लाई जाएंगी, जिससे खाद्य पदार्थ और कपड़ों जैसी वस्तुएं सस्ती होंगी। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई 0.2 से 0.5 प्रतिशत तक घट सकती है। हालांकि, सरकार को 85,000 करोड़ रुपये तक के राजस्व नुकसान का अनुमान है, लेकिन बढ़ती मांग से अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की संभावना है।
सरकार ने इस सुधार में हानिकारक उत्पादों जैसे पान मसाला और तंबाकू पर टैक्स दर बढ़ाकर लगभग 40% करने का प्रस्ताव भी रखा है। वित्त विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम न केवल राजस्व बढ़ाएगा, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिहाज से भी सकारात्मक साबित होगा। कुल मिलाकर, जीएसटी संरचना को सरल बनाने से कर प्रणाली पारदर्शी होगी और देश की आर्थिक मजबूती में योगदान देगा।
