मिजोरम को मिली पहली ट्रेन, जुड़ा राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से

आइजोल, मिजोरम: आजादी के 79 साल बाद मिजोरम की राजधानी आइजोल आखिरकार भारतीय रेल नेटवर्क से जुड़ गई है। बैरवी-सायरांग रेल परियोजना के तहत पहली बार ट्रेन आइजोल पहुंची, जिससे हजारों लोगों का सपना साकार हुआ। इस परियोजना के पूरा होने के साथ ही मिजोरम पूर्वोत्तर के उन राज्यों में शामिल हो गया है, जिनकी राजधानियाँ अब राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से सीधे जुड़ी हैं।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे मिजोरम को भारत के “दिल से जोड़ने वाली परियोजना” बताया। वहीं नॉर्थ ईस्ट रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी के. के. शर्मा ने बताया कि इस नए ट्रैक के जरिए असम, अरुणाचल, त्रिपुरा और मिजोरम अब देश के अन्य हिस्सों से सुगमता से जुड़ सकेंगे। पहले जहां सिलचर से आइजोल पहुंचने में 8-10 घंटे लगते थे, अब यह यात्रा ट्रेन से केवल तीन घंटे में पूरी हो सकेगी।

करीब 5022 करोड़ रुपये की लागत से बने इस रेलवे प्रोजेक्ट में 51 किमी लंबा ट्रैक, 154 पुल और 48 सुरंगें शामिल हैं। इस नेटवर्क का सबसे ऊंचा पुल मूलखांग-सायरांग के बीच स्थित है, जिसकी ऊंचाई 104 मीटर है—जो कुतुब मीनार से भी ऊंचा है। यह प्रोजेक्ट न सिर्फ मिजोरम की अर्थव्यवस्था को गति देगा बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा और व्यापारिक पहुंच को भी नया आयाम देगा।