ईरान से रिश्तों पर ट्रंप के संकेत से बढ़ी हलचल

वाशिंगटन: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के समक्ष ईरान से संवाद की संभावना को खुला रखने की बात कहकर वैश्विक राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। उन्होंने कहा, “ईरान अब अलग स्थिति में है, वे बातचीत चाहते हैं और हम हल निकालने के प्रयास में हैं।” इस बयान के बाद विशेषज्ञ मान रहे हैं कि ट्रंप की यह टिप्पणी 2025 के चुनावी परिदृश्य और पश्चिम एशिया की कूटनीति में बड़ा मोड़ साबित हो सकती है।

ट्रंप ने यह भी खुलासा किया कि कतर स्थित अमेरिकी बेस पर संभावित हमले की जानकारी ईरान ने पहले से साझा की थी। उन्होंने कहा, “ईरान ने हमें बताया कि वे कब, कितनी मिसाइलें दागेंगे—यह सहयोग सराहनीय है।” यह बयान ऐसे समय आया है जब नेतन्याहू खुद ईरान के खिलाफ सख्त रुख के लिए अमेरिका पर दबाव बना रहे हैं। ट्रंप की बदली हुई भाषा से संकेत मिलते हैं कि वे 2015 की न्यूक्लियर डील जैसे किसी समझौते की ओर वापसी का रास्ता तलाश रहे हैं।

इधर, गाजा युद्धविराम पर बातचीत के लिए ट्रंप प्रशासन ने विशेष दूत स्टीव विटकॉफ को दोहा भेजा है। अमेरिकी पक्ष चाहता है कि हफ्ते के अंत तक गाजा संघर्षविराम और बंधकों की रिहाई पर समझौता हो जाए। हालांकि, हमास और इजराइल के बीच अब भी प्रमुख मुद्दों पर मतभेद कायम हैं। ट्रंप की ईरान पर नरमी और गाजा पर सक्रियता, दोनों उनके नए विदेश नीति दृष्टिकोण की ओर इशारा कर रही हैं।