अमेरिकी हमले से बढ़ी चिंता, कच्चा तेल ₹120 पार?

इज़राइल और ईरान के बीच जारी तनाव में अमेरिका के शामिल होने से वैश्विक हालात और अधिक गंभीर हो गए हैं। अमेरिकी वायुसेना द्वारा ईरान के तीन परमाणु स्थलों पर हमले के बाद यह स्पष्ट है कि पश्चिम एशिया में टकराव अब और गहराएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इसका सीधा प्रभाव सोमवार को विश्व शेयर बाजारों और विशेष रूप से कच्चा तेल की कीमतों पर दिखाई देगा।

गत सप्ताह ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स में लगभग 18% की तेजी देखी गई थी और वर्तमान में यह $77 प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है। लेकिन ऊर्जा विश्लेषकों का कहना है कि अगर हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में बाधा आती है, तो कच्चा तेल $120 प्रति बैरल से ऊपर जा सकता है। सैक्सो मार्केट्स के अनुसार, “तेल पर जोखिम प्रीमियम लौट आया है। इस क्षेत्र में किसी भी बड़े व्यवधान का असर वैश्विक महंगाई और ब्याज दर नीतियों पर पड़ सकता है।” जेपी मॉर्गन और सिटी बैंक ने भी ऐसे ही अनुमान जताए हैं।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान में इक्विटी बाजार “छुरी की धार” पर हैं। अमेरिकी हमले के बाद निवेशक सुरक्षित विकल्प जैसे कि सोना और डॉलर की ओर रुख कर रहे हैं। शुक्रवार को अमेरिकी शेयर सूचकांकों में गिरावट आई, वहीं भारतीय बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। हालांकि सोमवार को स्थिति पूरी तरह बदल सकती है। यदि ईरान की ओर से पलटवार हुआ, तो बाजार में तेज गिरावट से इंकार नहीं किया जा सकता। साथ ही, उच्च तेल मूल्य वैश्विक केंद्रीय बैंकों की ब्याज दर में कटौती की योजनाओं को भी पटरी से उतार सकता है।